08 February 2012

जैसे वे मेरे अपने ही हैं - कविता रावत

इनका शुभ नाम है - कविता रावत । और Industry है Education और Location है Bhopal Delhi, Uttarakhand  Madhya Pradesh  India कविता जी अपने Introduction में कहती हैं - मैं शैल शिला । नदिका । पुण्यस्थल । देवभूमि । उत्तराखंड की संतति प्रकृति की धरोहर ताल तलैयों शैल शिखरों की सुरम्य नगरी भोपाल मध्य प्रदेश में निवासरत हूं । यहां के बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्‍त की है । वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल में कर्मरत हूँ । भोपाल गैस त्रासदी की मार झेलने वाले हजारों में से एक हूँ । ऐसी विषम परिस्थितियों में मेरे अंदर उमड़ी संवेदना से लेखन की शुरुआत हुई । शायद इसीलिए मैं आज आम आदमी के दुख दर्द ख़ुशी गम को अपने करीब ही पाती हूँ । जैसे वे मेरे अपने ही हैं । ब्लॉग मेरे लिए एक ऐसा सामाजिक मंच है । जहाँ मैं अपने आपको एक विश्व व्यापी परिवार के सदस्य के रूप में देख पा रही हूँ । जिस पर अपने मन । दिल में उमड़ते घुमड़ते खट्टे मीठे  अनुभवों व विचारों को बांट पाने में समर्थ हो पा रही हूँ । इनका ब्लाग है - कविता रावत । क्लिक करें ।

5 comments:

दिगम्बर नासवा said...

वाह ... बहुत विस्तृत परिचय ...
अचा लगा ...
कविता जी को पढ़ना भी सुखद लगता है ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया प्रस्तुति
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

बढ़िया ब्लॉग..बढ़िया परिचय।

कविता रावत said...

Blogword.com के माध्यम से अपना परिचय पाकर सुखद अनुभूति हुयी..इस प्रकार हौसला अफजाई के लिए बहुत आभार!
सादर!

Asha Saxena said...

कविता बहुत अच्छी लगी |मेरा यू.आर.एल है
http://akanksha-ashablogspot.com
कभी मेरे ब्लॉग पर भी आइये |
आशा

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